Saturday, August 28, 2010

माँ की ममता

कल जब रात को खाना खाने बैठा तो मैंने माँ से वादा किया था कि उसकी सेवा करना मेरा फ़र्ज़ है मैं अपनी धुन मैं खोकर अपना फ़र्ज़ नहीं भूल सकता न भूलने दूंगा माँ जब मेरा खाना खाती हैं तो मेरा पेट भरता है मैं आराम से सोचता हूँ कि मेरा जनम सफल हुआ

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