Saturday, August 21, 2010

इन्सान की असलियत

कभी किसी इन्सान को सच का मुखोटा पहनकर सच की बेईज्ज़ती करते देखा हो तो एक बात याद रखना सच दिखावा नहीं वोह ऐसा कडवी दवा है जो इन्सान को सत्यवां बनाती है और झूठे लोगों को सजा देती है

1 comment:

  1. jab tak insan apne aap ko jagayga nahin woh
    asliyat ko samaj nahi sakta

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